
@नवल खबर ब्यूरो
काशीपुर।श्री राम इंस्टीट्यूट काशीपुर के एमबीए छात्र-छात्राओं के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) काशीपुर के डिज़ाइन थिंकिंग एंड इनोवेशन सेंटर द्वारा एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय “मैनेजमेंट थ्रू डिज़ाइन थिंकिंग एंड इनोवेशन” रहा, जिसमें विद्यार्थियों को प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचार और रचनात्मक सोच के महत्व से अवगत कराया गया।

कार्यशाला में आईआईएम काशीपुर के प्रोफेसर समरजीत एवं प्रोफेसर गार्गी रावत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में डिज़ाइन थिंकिंग के माध्यम से प्रबंधन के क्षेत्र में नई संभावनाओं को विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए रचनात्मक सोच और नवाचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रोफेसरों ने अपने व्याख्यान के दौरान विभिन्न उदाहरणों, केस स्टडी और इंटरएक्टिव गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को डिज़ाइन थिंकिंग की प्रक्रिया, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और नवाचार आधारित प्रबंधन रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विषय से जुड़ी कई जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
यह कार्यशाला विशेष रूप से श्रीराम संस्थान के एमबीए छात्रों के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 50 छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक प्रबंधन अवधारणाओं और उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में श्रीराम संस्थान की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अकील अहमद, कुलदीप, अंशुल नाथ तथा अंजली नायर भी उपस्थित रहे। सभी ने इस कार्यशाला को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) योगराज सिंह ने आईआईएम काशीपुर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक सहयोग से विद्यार्थियों को उद्योग और प्रबंधन की आधुनिक अवधारणाओं को समझने का अवसर मिलता है, जिससे उनका समग्र व्यक्तित्व विकास होता है।
