
@नवल खबर ब्यूरो
काशीपुर। महापौर दीपक बाली ने नगर निगम कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने खास तौर पर रामनगर रोड (एनएच-309) की जर्जर स्थिति, चैती मेला परिसर के विकास, हाईटेक शौचालयों, पेयजल व्यवस्था और ड्रेनेज प्लान पर अपनी बात रखी।
महापौर ने बताया कि रामनगर रोड राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत आती है, इसलिए नगर निगम सीधे इस पर कार्य नहीं कर सकता। इसके बावजूद उन्होंने इस समस्या को प्राथमिकता देते हुए शासन-प्रशासन से लगातार पत्राचार किया है। उन्होंने बताया कि पहले 16.30 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसे संशोधित कर अब 17.51 करोड़ रुपये कर दिया गया है और यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अप्रैल माह में ही धनराशि स्वीकृत हो सकती है और वर्षा ऋतु से पहले टेंडर प्रक्रिया शुरू कर सड़क निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि फोरलेन सड़क का प्रस्ताव पहले ही स्वीकृत है, लेकिन उसके निर्माण में समय लगेगा, इसलिए फिलहाल मौजूदा सड़क को सुचारू रखना आवश्यक है। वर्तमान में गड्ढों का भरान कार्य भी जारी है।
प्रेस वार्ता में महापौर ने अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा बनाए जा रहे हाईटेक किचन का भी जिक्र किया, जिसकी लागत करीब 18 से 20 करोड़ रुपये है। यह किचन लगभग तैयार है और जल्द ही काशीपुर व आसपास के सरकारी स्कूलों के बच्चों को गर्म व गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। जमीन संबंधी एनओसी की समस्या को मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से सुलझा लिया गया है।
शहर में जनसुविधाओं को मजबूत करने के लिए तीन हाईटेक शौचालय स्वीकृत किए गए हैं। इनमें खड़कपुर-देवीपुरा, चैती मेला प्रांगण और द्रोणा सागर क्षेत्र शामिल हैं। इनकी लागत क्रमशः लगभग 79.82 लाख, 76.87 लाख और 63 लाख रुपये है। महापौर ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही सभी कार्य शुरू होंगे।
शौचालयों की खराब स्थिति और अव्यवस्थाओं पर उठे सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि सभी सुलभ शौचालयों की समीक्षा कर उन्हें दुरुस्त कराया जाएगा और जहां शिकायतें हैं, वहां तत्काल कार्रवाई होगी।
गर्मी को देखते हुए नगर निगम द्वारा शहर में करीब 100 नए नल लगाने का टेंडर जारी किया गया है। जरूरत के अनुसार प्याऊ और वाटर कूलर भी लगाए जाएंगे।
चैती मेला परिसर के विकास को लेकर महापौर ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 13 करोड़ रुपये की धनराशि इसी परिसर के सौंदर्यीकरण, हरियाली, पेयजल और अन्य सुविधाओं पर खर्च की जाएगी। इसके लिए जल्द ही अधिकारियों और आर्किटेक्ट्स के साथ बैठक कर योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

मेले की गिरती सांस्कृतिक गुणवत्ता पर उन्होंने माना कि केवल राजस्व बढ़ाना उद्देश्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से पहले एक समग्र योजना बनाकर मेले को उसकी पारंपरिक पहचान के साथ पुनर्जीवित किया जाएगा।
शहर की जलभराव समस्या के समाधान के लिए 650 करोड़ रुपये का ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया है, जिसमें से 125 करोड़ रुपये की पहली किस्त जल्द मिलने की उम्मीद है। वर्षा से पहले नालों की सफाई भी युद्धस्तर पर कराई जाएगी।
स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने के लिए ईईएसएल के साथ प्रस्ताव प्रक्रिया में है। मंजूरी मिलते ही शहर में आधुनिक स्ट्रीट लाइट व्यवस्था लागू की जाएगी।
महापौर ने बताया कि गिरिताल, जीजीआईसी, डॉग शेल्टर, वेंडिंग जोन और गौशाला सहित कई परियोजनाओं की डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। साथ ही 17 नए वार्डों में सड़क और नाली निर्माण योजनाओं को भी स्वीकृति मिल रही है।
अंत में महापौर दीपक बाली ने कहा कि काशीपुर के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं और आने वाले समय में शहर में कई विकास कार्य जमीन पर नजर आएंगे।
