
प्रदेश में तीन महीने तक गर्मी खूब पसीने छुड़ाएगी। मौसम विभाग ने राज्य में अप्रैल, मई व जून माह में तापमान सामान्य से अधिक रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। वहीं, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि लांग रेंज फोरकास्ट के अनुसार, उत्तराखंड में अप्रैल, मई, जून का औसत तापमान सामान्य से अधिक रहने का पूर्वानुमान है। दरअसल, मैदानी क्षेत्रों में 40 डिग्री तथा पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री तक तापमान पहुंच जाता है, तब हीट वेव की परिस्थितियां उत्पन्न होने की संभावना बनती हैं।
अगर किन्हीं दो जगहों का तापमान लगातार दो दिन सामान्य से साढ़े चार से साढ़े छह डिग्री ऊपर (मैदानों में 40 डिग्री से ऊपर तथा पहाड़ों में 30 डिग्री से ऊपर रहना अनिवार्य) चला जाए, तो हीट वेव मानी जाती है। गौरतलब है कि उत्तराखंड में मई के अंतिम सप्ताह तथा जून प्रथम सप्ताह में तापमान सबसे ज्यादा रहता है।
इधर, स्वास्थ्य विभाग कहना है कि गर्मी जानलेवा भी हो सकती है, इसलिए एहतियात बरतें। गर्मी लगने से व्यक्ति में अत्यधिक थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द, जी मिचलाना, शरीर में ऐंठन, तेज धड़कन, भ्रम की स्थिति आदि लक्षण दिखने लगते हैं। इसके लिए जरूरी है कि खूब पानी पीएं, प्यास न लगी हो तब भी पानी पीते रहें। गर्मी का सबसे ज्यादा असर गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों पर पड़ता है, इसलिए एहतियात जरूरी हैं।
गर्मी के मौसम में दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक घर से बाहर जाने से बचना चाहिए, साथ ही महिलाओं को इस समय खाना बनाने से परहेज करना चाहिए। हीट वेव से इंसानों की तरह पशुओं को भी खतरा होता है। कहा, धूप में खड़ी कार में बच्चों को न छोड़ें। साथ ही धूप में खड़ी कार में सीधे न बैठें।
