
@नवल खबर ब्यूरो
काशीपुर। नववर्ष 2026 की शुरुआत सनातन एकता और संस्कारों के संकल्प के साथ करते हुए उर्वशी दत्त बाली ने हिंदू वाहिनी संगठन के सहयोग से एक प्रेरणादायक पहल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर यह संकल्प लिया गया कि वर्ष 2026 में प्रत्येक मंगलवार को सनातनी परिवार अपने बच्चों के साथ अपने घर के निकट स्थित किसी मंदिर में एकत्र होकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।
इस संकल्प की शुरुआत मंगलवार 6 जनवरी को शनि मंदिर परिसर, निकट नागनाथ मंदिर में उर्वशी दत्त बाली के नेतृत्व में हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और “अगला मंगलवार हमारा है” के भाव के साथ इस आध्यात्मिक श्रृंखला से जुड़ने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर उर्वशी दत्त बाली ने कहा कि हमारे सनातन धर्म में असंख्य देवी-देवता हैं, जिनके समक्ष प्रतिदिन पहुँचना संभव नहीं होता, लेकिन मंगलवार का दिन ऐसा पावन अवसर है जब परिवार अपने बच्चों के साथ मात्र 20 मिनट प्रभु श्री हनुमान जी के चरणों में बैठकर संस्कारों की नींव मजबूत कर सकता है। उन्होंने कहा कि सर्दियों में प्रत्येक मंगलवार सायं लगभग 5:30 बजे यह सामूहिक पाठ किया जाएगा।
उर्वशी दत्त बाली ने भावपूर्ण शब्दों में कहा,
“धर्म हमें लड़ना नहीं, जोड़ना सिखाता है।
हम कोई बड़ा आंदोलन नहीं, बल्कि एक छोटा-सा संकल्प ले रहे हैं—हर मंगलवार अपने बच्चों के साथ प्रभु हनुमान जी के चरणों में बैठने का। बच्चों को डाँटकर नहीं, अपने साथ लेकर मंदिर लाया जाता है। अगर कोई बच्चा मोबाइल छोड़कर मंदिर आ जाए, तो समझिए संस्कार जीत गए।”

उन्होंने कहा कि संस्कार बोले नहीं जाते, दिखाए जाते हैं।
संस्कार माँ से मिलते हैं और पिता से मजबूत होते हैं। जब बच्चा पिता का हाथ पकड़कर मंदिर जाता है, तो धर्म मजबूरी नहीं बल्कि जीवन का गर्व बन जाता है। आज के समय में जब माता-पिता दोनों कामकाजी हैं, तब बच्चों को संस्कार देना दोनों की समान जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि आज बच्चे मोबाइल और टीवी में सुपर पावर हीरो खोज रहे हैं, तो उन्हें हनुमान जी की कथाएँ सुनाइए और बताइए कि असली हीरो कौन है।
“मंगलवार के सिर्फ 20 मिनट—बच्चों के भविष्य और संस्कारों के नाम हैं।”
कार्यक्रम में हिंदू वाहिनी संगठन के राष्ट्रीय महासचिव आनंद तिवारी एवं प्रदेश अध्यक्ष रुचिन शर्मा के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने भी प्रभु श्री हनुमान जी के समक्ष यह संकल्प लिया कि यह आध्यात्मिक श्रृंखला निरंतर और अटूट बनी रहेगी।
श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति के बीच सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ कर इस संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान की गई। अंत में सभी सनातन धर्मावलंबियों, युवाओं एवं बच्चों से इस पहल से जुड़ने और सनातन धर्म की ज्योति को और अधिक उज्ज्वल करने की अपील की गई।
