महापौर दीपक बाली ने किया 29वें उत्तरायणी मकर संक्रांति मेले का भव्य उद्घाटन, बोले— यह मेला हमारी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

@नवल खबर ब्यूरो

काशीपुर। मां चामुंडा देवी मंदिर परिसर में उत्तरायणी मकर संक्रांति मेला समिति द्वारा विगत 28 वर्षों से निरंतर आयोजित किए जा रहे उत्तरायणी मकर संक्रांति मेले के 29वें संस्करण का बुधवार को भव्य शुभारंभ हुआ। पूजा-अर्चना के उपरांत काशीपुर के महापौर दीपक बाली ने विधिवत फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर भक्ति, आस्था और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए महापौर दीपक बाली ने कहा कि मकर संक्रांति पर्व का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक भी है। यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है, जिसे हमारी संस्कृति में विशेष स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि सूर्य देव को ग्रहों का राजा माना जाता है और उत्तरायणी पर्व हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई उम्मीद और नई शुरुआत का संदेश लेकर आता है।

महापौर ने कहा कि उत्तरायणी मेला केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा, आस्था और जीवन दर्शन का उत्सव है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ती है, जो अत्यंत सुखद है। उन्होंने मेला आयोजन समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं मेले में पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस भव्य आयोजन के पीछे समिति की वर्षों की मेहनत और समर्पण है। इसके लिए उन्होंने समिति को साधुवाद एवं धन्यवाद दिया।

महापौर दीपक बाली ने विश्वास दिलाया कि मेला आयोजन में जहां भी नगर निगम या उनकी आवश्यकता होगी, वे सदैव सहयोग के लिए आगे रहेंगे। उन्होंने कहा कि “धर्म मेरा सनातन है और विकास मेरा शौक है।” शहर के सभी धार्मिक स्थलों तक साफ-सुथरी व्यवस्था एवं सुगम आवागमन के लिए सड़कों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मंदिर समिति ने उनसे कोई मांग नहीं की, फिर भी यहां आने वाली सड़क को प्राथमिकता के आधार पर बनवाया गया। इसी प्रकार विकास कार्यों की शुरुआत उन्होंने मां बाल सुंदरी मंदिर को जाने वाले मार्ग के निर्माण से की थी।

महापौर ने उपस्थित जनसमुदाय से शहर की सफाई एवं स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की। साथ ही उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि काशीपुर में किसी भी कीमत पर गुंडागर्दी और अराजकता को पनपने नहीं दिया जाएगा।
उद्घाटन अवसर पर महापौर दीपक बाली को रामनगर रोड से बाजे-गाजे के साथ मेला स्थल तक लाया गया। मेला समिति के पंडित पूरनचंद कांडपाल, अध्यक्ष ज्ञानेश जोशी, सचिव दीपक कुमार पांडे, मेला व्यवस्थापक सुनील टंडन, जतिन कांडपाल, वासु कांडपाल, महेश चंद पांडे, हरीश भट्ट, आदित्य पांडे, निर्मला पांडे, पुष्पा रौतेला, श्रीमती लता, देव सूर्यवंशी, निर्मला कांडपाल, हरीश त्रिपाठी, जीतू कांडपाल, जयंत पांडे, नवीन जोशी, अमित जोशी, गिरीश पांडे, जगदीश जोशी सहित नगर व क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण कर, बैज लगाकर महापौर का भव्य स्वागत किया।
मेला स्थल को अत्यंत आकर्षक ढंग से सजाया गया था। यहां खेल-खिलौनों एवं विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के करीब 22 शानदार स्टॉल लगाए गए, जहां बच्चों की भारी भीड़ देखने को मिली। नगर निगम द्वारा भी दो स्टॉल लगाए गए हैं। मेले में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े।
मेले के दौरान विभिन्न बस्तियों, मोहल्लों एवं स्कूलों की दर्जनों टीमों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। करीब 400 बच्चों, युवक-युवतियों तथा पर्वतीय अंचलों से आई लोक कलाकारों की टोलियों ने अपनी-अपनी कला का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मेले की पूर्व संध्या पर पर्वतीय अंचल से आई छोलिया नृत्य की टोलियों ने नगर के मुख्य बाजार में भ्रमण कर लोक संगीत और नृत्य की छटा बिखेरी। उन्होंने नगर के कई गणमान्य नागरिकों के घर जाकर भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। छोलिया नर्तकों का यह पारंपरिक संदेश होता है कि अगले दिन उत्तरायणी मकर संक्रांति मेला है और नगरवासी सादर आमंत्रित हैं।
उद्घाटन से पूर्व सुबह से ही मां चामुंडा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया था और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन देखने को मिला। मेले की भव्यता ऐसी होती है कि लोग पूरे वर्ष इसके आयोजन का इंतजार करते हैं।
इस अवसर पर पीसीयू चेयरमैन राम मल्होत्रा, भाजयुमो प्रदेश कोषाध्यक्ष शाहनवाज, चौधरी समरपाल सिंह, सफाई निरीक्षक मनोज बिष्ट, बाल सुंदरी मंदिर के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री, अनिल मित्तल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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