
@नवल खबर ब्यूरो
गूलरभोज।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अतिक्रमण के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम अब बड़े राजनीतिक नामों तक पहुँचती दिख रही है। इसी क्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक अरविंद पांडेय का गूलरभोज स्थित आवास भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आ गया है। तहसील प्रशासन ने उनके आवास पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस तामील कराते हुए 15 दिन का अंतिम अल्टीमेटम दिया है।
मंगलवार शाम तहसील के कानूनगो भगत सिंह एवं हल्का लेखपाल जितेंद्र कुमार विधायक आवास पहुँचे। विधायक की अनुपस्थिति में उनके पुत्र अतुल पांडेय को नोटिस सौंपा गया।
नोटिस के अनुसार, उच्च न्यायालय नैनीताल में दायर याचिका संख्या 192/2024 (एमएस) में पारित आदेश दिनांक 26 दिसंबर 2024 के अनुपालन में राजकीय भूमि पर अतिक्रमण की जांच की गई। जांच में ग्राम गूलरभोज, खाता संख्या 64, खसरा संख्या 12ग, रकबा 0.158 हेक्टेयर, श्रेणी 5-1 (नई परती) भूमि पर अवैध अतिक्रमण पाया गया है।

प्रशासन ने नोटिस में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के विभिन्न आदेशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित 15 दिवस के भीतर स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया जाएगा।
नोटिस की सूचना मिलते ही विधायक समर्थकों का आवास पर जमावड़ा लग गया। इस दौरान विधायक पुत्र अतुल पांडेय ने 11 वर्ष बाद अतिक्रमण का संज्ञान लेने पर तहसील प्रशासन पर तंज कसते हुए टिप्पणी की।
वहीं, पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय का पक्ष जानने के लिए प्रयास किए गए, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो सका।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या धामी सरकार का बुलडोजर बिना भेदभाव हर अतिक्रमण पर चलेगा—चाहे वह सत्ता के कितने ही करीब क्यों न हो?
