
@नवल ख़बर ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के एआरटीओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसटीएफ की जांच में मौरंग-गिट्टी से लदे वाहनों को पास कराने के नाम पर अवैध वसूली, मिलीभगत और रिश्वतखोरी के आरोप सही पाए जाने के बाद परिवहन विभाग के विशेष सचिव के.पी. सिंह ने यह आदेश जारी किया।

निलंबित अधिकारियों में लखनऊ के एआरटीओ (प्रवर्तन) राजीव बंसल, रायबरेली के एआरटीओ अंबुज तथा फतेहपुर की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा शामिल हैं। तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, जिसके लिए झांसी के उप परिवहन आयुक्त के.डी. सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

एसटीएफ की रिपोर्ट के अनुसार, मौरंग-गिट्टी से भरे भारी वाहनों को पास कराने के नाम पर अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध वसूली की जा रही थी। इससे पहले भी इस कड़ियों से जुड़े कई कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है तथा कई जिलों में एफआईआर दर्ज हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
